नमरिता की कहानी
नमस्ते, मैं नमरिता। मुझे विश्वास है कि उचित सपोर्ट सिस्टिम, जीवन रक्षक साबित हो सकती है। मेरे बचपन में ही मेरी मां को स्कीजोफ्रेनिया जैसी पुरानी (क्रोनिक) और कठिन बीमारी ने जकड़ लिया था। जिसके कारण मेरा बचपन बहुत संघर्षपूर्ण बीता। एक छोटी बच्ची, मां की देखभाल करने वाली और एक विद्यार्थी की भूमिकाएं, मुझे एक साथ निभानी पड़ी। लेकिन जब मैंने इस मुश्किल दौर में मदद मांगी तब मेरे जीवन में एक अच्छा मोड़ आया। जो बातें मुझे चिंतित करती थी, उन्हें मैंने दुसरों के साथ शेयर किया, साथ ही डायरी लिखना और अन्य लेखन शुरू किया। इससे आधार और सहारे, मेरे लिए दुनिया खुल गई।
नमरिता व्यावसायिक संपादक हैं और प्रकाशन का काम करती हैं। पढ़ने और लिखने में वह रुचि रखती हैं।वेस्टमिंस्टर युनिवर्सिटी, लंदन से उन्होंने क्रिएटिव राइटिंग में मास्टर्स और दिल्ली युनिवर्सिटी से अंग्रेजी भाषा में बॅचलर्स की डिग्री हासिल की है।
कथाकार
नमरिता कथैट
शोधकार्य
फेथ गोंज़ाल्वेज़
कला एवं चित्र
सक्षम अरोड़ा
मीडिया उत्पादन
हिरेन कानगड़